मन की बात में PM मोदी ने उत्तराखंड बने सबसे बड़े ब्रांड एम्बेस्डर: सर्दियों में हिमालय की वादियों में घूमने की देशवासियों से अपील

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड में करीब ढाई मिनट उत्तराखंड को समर्पित करते हुए राज्य के शीतकालीन पर्यटन, साहसिक खेलों और डेस्टिनेशन वेडिंग की भरपूर तारीफ की। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस सर्दी में छुट्टियां मनाने का प्लान बना रहे हैं तो हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड को जरूर अपने विकल्प में शामिल करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दिनों उत्तराखंड का विंटर टूरिज्म लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है। औली, मुनस्यारी, दयारा बुग्याल, चोपता जैसी जगहें सर्दियों में बेहद खूबसूरत हो जाती हैं। उन्होंने पिथौरागढ़ में 14,500 फीट की ऊंचाई पर आयोजित आदि कैलाश हाई ऑल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन का जिक्र करते हुए बताया कि तीन साल पहले जहां आदि कैलाश मात्र 2 हजार लोग ही आते थे, आज यह संख्या 30 हजार तक पहुंच चुकी है।

PM मोदी ने कहा कि कुछ ही हफ्तों में उत्तराखंड में पहली बार ‘विंटर गेम्स’ का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देशभर के खिलाड़ी और एडवेंचर प्रेमी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने राज्य की बेहतर होती कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और नई होम-स्टे नीति की भी सराहना की।

खास तौर पर डेस्टिनेशन वेडिंग की ब्रांडिंग करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “सर्दियों की सुनहरी धूप और पहाड़ों से उतरते कोहरे के बीच उत्तराखंड अब शादियों के लिए भी सबसे पसंदीदा जगह बन रहा है। गंगा के किनारे अब खूब डेस्टिनेशन वेडिंग हो रही हैं।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री के इस विशेष उल्लेख के लिए आभार जताते हुए कहा, “आदरणीय प्रधानमंत्री जी उत्तराखंड टूरिज्म के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेस्डर हैं। उनके हर दौरे और हर उल्लेख से देवभूमि को नई पहचान और नई ऊंचाई मिलती है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि PM मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार विंटर टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स, होम-स्टे और डेस्टिनेशन वेडिंग को तेजी से बढ़ावा दे रही है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, आदि कैलाश, जागेश्वर और पिछले साल मुखबा-हर्षिल में प्रधानमंत्री के दौरे के बाद इन क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ी है और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

प्रदेशवासी प्रधानमंत्री जी के प्रति कृतज्ञ हैं कि उन्होंने एक बार फिर विश्व पटल पर देवभूमि उत्तराखंड की प्राकृतिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के सबसे मजबूत गंतव्य के रूप में स्थापित किया है।

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