

हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय तथा गायत्री विद्यापीठ में 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति के भाव के साथ मनाया गया। इस गौरवमयी अवसर पर संस्था की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या तथा गायत्री विद्यापीठ की व्यवस्था मंडल प्रमुख श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने आन-बान-शान की प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के पश्चात शांतिकुंज के बैण्ड दल द्वारा सुमधुर धुन में राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया, जिससे संपूर्ण परिसर देशभक्ति के भाव से ओत-प्रोत हो गया।

अपने संदेश में संस्था की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि गणतंत्र दिवस कर्तव्यबोध की चेतना का पर्व है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में नैतिकता, अनुशासन और सेवा भाव को आत्मसात करें। राष्ट्र का सशक्त निर्माण चरित्रवान नागरिकों से ही संभव है। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि राष्ट्र की आजादी की रक्षा केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि हमारे विचारों, संस्कारों और आचरण से भी होती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति गीत, प्रेरणादायक उद्बोधन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। समारोह के अंत में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण तथा नैतिक मूल्यों के संवर्धन हेतु सामूहिक संकल्प लिया गया।
