कुम्भ मेला के स्थायी कार्यों को 31 अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश, अपर मेलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण

हरिद्वार। आगामी कुम्भ मेला-2027 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए मेला प्रशासन द्वारा स्वीकृत स्थायी विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, सुगमता तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत विभिन्न परियोजनाओं के लिए स्पष्ट टाइमलाइन निर्धारित की गई है। मेला प्रशासन ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया है कि वे स्वीकृत कार्यों को आगामी 31 अक्टूबर, 2026 तक हर हाल में पूर्ण करें।
मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका के निर्देशन में निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। गुणवत्ता नियंत्रण के लिए नामित अधिकारी लगातार कार्यस्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि निर्माण कार्यों की प्रगति गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जा सके। मेला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा।
इसी सिलसिले में मंगलवार को अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती ने संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ कुम्भ मेला-2027 के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अभियंताओं को निर्देशित किया कि निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्माण सामग्री की नियमित जांच कराने तथा सभी तकनीकी एवं गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक कार्य की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से मेला कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा।
अपर मेलाधिकारी ने धनौरी-सिडकुल लिंक मार्ग पर पथरी रौ नदी-पुरानी गंग नहर पर स्वीकृत पुल के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नींव निर्माण एवं पाइलिंग की तैयारियों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए और सभी तकनीकी मानकों का पालन करते हुए कार्य समय से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सेतु कुम्भ मेला अवधि में यातायात को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कुम्भ मेला की तैयारियों के अंतर्गत बहादराबाद विकासखण्ड में धनौरी-सिडकुल मोटर मार्ग के हॉटमिक्स द्वारा डामरीकरण एवं सुधार कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। लगभग 8.4 किलोमीटर लंबाई तक इस मार्ग के सुदृढ़ीकरण कार्य का निरीक्षण करते हुए अपर मेलाधिकारी ने निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त हिस्सों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए तथा समुचित ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि डामरीकरण के बाद सड़क को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे।
इसके अतिरिक्त अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती ने अधिकारियों की टीम के साथ रोशनाबाद, हरिद्वार में निर्माणाधीन औषधि भंडारण कक्ष का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि निर्माण सामग्री की नियमित सैंपलिंग कराई जाए तथा समय-समय पर थर्ड पार्टी गुणवत्ता परीक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। कुम्भ मेला की व्यवस्थाओं के अंतर्गत निर्मित किए जा रहे इस वेयरहाउस में औषधियों के सुरक्षित भंडारण के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही नियंत्रित तापमान पर दवाओं के संरक्षण हेतु समुचित कोल्ड चेन व्यवस्था भी स्थापित की जाएगी।
कुम्भ मेला-2027 के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹251.98 लाख लागत की इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल कुम्भ मेला अवधि में बल्कि उसके पश्चात भी स्वास्थ्य विभाग को दवाओं एवं चिकित्सा सामग्री के सुरक्षित भंडारण तथा सुव्यवस्थित वितरण में व्यापक सुविधा प्राप्त होगी।
निरीक्षण के दौरान कुम्भ मेला हेतु गठित तकनीकी सेल के अधिशासी अभियंता श्री प्रवीन कुमार सहित संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अभियंता उपस्थित रहे।

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