शांतिकुंज में जन्मशताब्दी अनुयाज हेतु वर्चुअल राष्ट्रीय संगोष्ठी

  • यह वर्ष तीन सौभाग्यों का अद्भुत त्रिवेणी संगम है: डॉ चिन्मय पण्ड्या

हरिद्वार। अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज में माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी तथा अखण्ड दीप के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह से उभरे संकल्पों को पूरा करने और देशव्यापी अनुयाज कार्यक्रमों को गति देने के उद्देश्य से एक वर्चुअल राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह जन्मशताब्दी वर्ष उन संकल्पों को धरातल पर उतारने का समय है जो समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्थान के लिए किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने संकल्प के प्रति अडिग रहता है, वही अपने सौभाग्य को साकार कर पाता है। जीवन में कुछ सौभाग्य वर्षों की प्रतीक्षा और कठोर तप के पश्चात प्राप्त होते हैं। यह वर्ष हमारे लिए तीन महा-सौभाग्यों का अद्भुत त्रिवेणी संगम लेकर आया है— अखंड दीपक के प्रज्वलन के 100 वर्ष, पूज्य गुरुदेव की महान तप-साधना के 100 वर्ष और वंदनीया माताजी के जन्म के 100 वर्ष। युवा प्रतिनिधि डॉ. पण्ड्या ने बल देकर कहा कि अभी तो यज्ञ शुरू हुआ है, केवल पहली आहुति पड़ी है। यह शताब्दी वर्ष मात्र उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि जन-जन के भीतर उस पीड़ा और कसक को जगाने का है, जिससे पूज्य गुरुदेव द्वारा देखे गए मानवता के कल्याण के स्वप्न साकार हो सकें। उन्होंने बताया कि आगामी समय में देशभर में युवा सम्मेलन, नारी सम्मेलन, 108 कुण्डीय यज्ञ और जनजागरण कार्यक्रमों की शृंखला आयोजित की जाएगी। ये कार्यक्रम नवरात्रि के बाद प्रारंभ होकर मई माह तक निरंतर चलेंगे। इन कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए समय-समय पर शांतिकुंज में सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान की सफलता के लिए हम सभी का लक्ष्य और संकल्प एक होना चाहिए।
इससे पूर्व संगोष्ठी में व्यवस्थापक श्री योगेन्द्र गिरि ने जन्मशताब्दी अनुयाज कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा से सभी को अवगत कराया। वहीं राष्ट्रीय जोन समन्वयक डॉ. ओ.पी. शर्मा ने जन्मशताब्दी अनुयाज क्रम को गति देने और इसे जन-जन तक पहुँचाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया।
संगोष्ठी में शांतिकुंज के मध्य जोन, उत्तर जोन, पूर्वी जोन, दक्षिण भारत जोन तथा एनसीआर जोन सहित देशभर के जोन समन्वयकों ने अपने-अपने राज्यों में चल रहे कार्यक्रमों और आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की। सभी ने एक स्वर में जन्मशताब्दी वर्ष को समाज जागरण का महाअभियान बनाने का संकल्प व्यक्त किया। वर्चुअल संगोष्ठी में उत्तराखण्ड, दिल्ली, बिहार, झारखण्ड, राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र सहित चौबीस से अधिक राज्यों के हजार से अधिक राज्य समन्वयक, जिला समन्वयकों सहित गायत्री परिवार के सक्रिय कार्यकत्र्तागण जुड़े।

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