मुख्यमंत्री धामी ने नैनीताल एवं ऊधमसिंहनगर जनपद की विभिन्न विधानसभाओं से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा की

  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उनका त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए

देहरादून। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकगण अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाते हैं, इसलिए उन पर गंभीरता से कार्यवाही करना शासन व प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अल्पकालिक प्रकृति के कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए, जबकि दीर्घकालिक योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। कार्यों की प्रगति में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि ऐसी योजनायें, जिनमें एक से अधिक विभागों की सहभागिता है, उनके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो और समय पर उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जन समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारी विधायकगणों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें। इससे न केवल समस्याओं की सही जानकारी प्राप्त होगी, बल्कि उनके समाधान में भी तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल से विकास कार्यों में गुणवत्ता और प्रगति दोनों सुनिश्चित हो सकेंगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि बरसात से पूर्व सभी बरसाती नालों की सफाई, सिल्ट हटाने तथा जल निकासी से संबंधित अन्य आवश्यक कार्य समय रहते पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। मुख्यमंत्री ने ग्रीष्मकाल में संभावित वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए विभागों के बीच समन्वय के साथ-साथ जनजागरूकता पर भी ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निर्बाध जल और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक के दौरान विधायकगणों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं, जिनमें सड़क निर्माण एवं मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, मिनी खेल मैदानों का निर्माण, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा, बाढ़ सुरक्षा कार्य, जलभराव की समस्या सहित अन्य स्थानीय मुद्दे शामिल थे। मुख्यमंत्री ने इन सभी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक समस्या का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें।

बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा, श्री राम सिंह कैड़ा, श्री बंशीधर भगत, श्री दीवान सिंह बिष्ट, श्री त्रिलोक सिंह चीमा, श्री शिव अरोड़ा, श्रीमती सरिता आर्य, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिवगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर श्री दीपक रावत एवं संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।

More From Author

पलायन रोकने के लिए श्रमिकों को स्थानीय आवश्यकता के अनुसार दिया जाए कौशल प्रशिक्षण: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Comments

No comments to show.