- ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण की अभिनव पहल

खटीमा। जनपद ऊधम सिंह नगर के विकासखण्ड खटीमा परिसर में आज उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा IFAD वित्तपोषित ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के अंतर्गत सामुदायिक स्तरीय नवाचार गतिविधि “दीदी की लाइब्रेरी”, जो कन्हैया महिला स्वायत्त सहकारिता समिति के अंतर्गत संचालित होगी, का भव्य उद्घाटन किया गया। यह कार्यक्रम ग्रामीण महिला सशक्तिकरण, शिक्षा संवर्धन एवं सामुदायिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी पहल के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि “दीदी की लाइब्रेरी” केवल एक पुस्तकालय नहीं, बल्कि ग्रामीण बच्चों, युवाओं एवं महिलाओं के सपनों को नई दिशा देने वाला ज्ञान एवं प्रेरणा का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, जानकारी एवं संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है तथा इस प्रकार की पहलें समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मुख्यमंत्री जी ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की विशेष सराहना करते हुए कहा कि आज ग्रामीण महिलाएं केवल परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे स्वरोजगार, उद्यमिता एवं सामुदायिक नेतृत्व के माध्यम से पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से इस गतिविधि को आगे बढ़ाना यह दर्शाता है कि यदि महिलाओं को अवसर, संसाधन एवं सही मार्गदर्शन मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “दीदी की लाइब्रेरी” जैसी गतिविधियां स्वयं सहायता समूहों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, बेहतर शिक्षा एवं सकारात्मक सामाजिक वातावरण के निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगी।
उक्त गतिविधि की कुल लागत लगभग ₹55.00 लाख है, जिसमें ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना द्वारा ₹6.00 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त संबंधित सीएलएफ द्वारा बैंक ऋण के माध्यम से ₹3.00 लाख की धनराशि प्राप्त की गई तथा ₹1.00 लाख का अंशदान स्वयं सीएलएफ द्वारा लगाया गया है। साथ ही ₹45.00 लाख की अभिसरण धनराशि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त हुई है, जिसमें ₹15.00 लाख सीएसआर फंड, ₹20.00 लाख नीति आयोग द्वारा एवं ₹10.00 लाख राज्य वित्त से उपलब्ध कराए गए हैं। यह पहल विभिन्न विभागों, सामुदायिक संस्थाओं, वित्तीय संस्थानों एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के आपसी समन्वय एवं सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों द्वारा बताया गया कि ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ना है। परियोजना के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार से जोड़ने एवं सामुदायिक उद्यम स्थापित करने में निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। “दीदी की लाइब्रेरी” भी इसी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों एवं युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री एवं बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर माननीय प्रमुख विकासखण्ड खटीमा श्रीमती सरिता राणा, माननीय अध्यक्ष जिला पंचायत श्री अजय मौर्य, ज्येष्ठ प्रमुख श्रीमती भागीरथी राणा एवं कनिष्ठ प्रमुख श्री गौरव नेगी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी श्री दिनेश शाशनी, परियोजना निदेशक डीआरडीए श्री हिमांशु जोशी, खण्ड विकास अधिकारी श्री संजय कुमार गांधी तथा जिला परियोजना प्रबंधक (रीप) श्री शुभंकर कुमार झा की भी विशेष उपस्थिति रही। अधिकारियों ने समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।
कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं में विशेष उत्साह एवं आत्मविश्वास देखने को मिला। महिलाओं ने मुख्यमंत्री जी एवं ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने इस पहल को ग्रामीण शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की।
