पैथोलॉजिस्टों के लिए मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स विषय पर एम्स में पांच दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप शुरू

  • मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाने में मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स की अहम भूमिका: निदेशक प्रो. मीनू सिंह

ऋषिकेश। पैथोलॉजिस्टों के लिए मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स विषय पर एम्स ऋषिकेश में पांच दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप शुरू हो गयी। अगले पांच दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में पैथोलॉजिस्ट और पोस्टग्रेजुएट प्रतिभागियों को मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक तकनीकों के बारे में एडवांस्ड ट्रेनिंग दी जाएगी।

संस्थान के मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट और पैथोलॉजी एवं लेबोरेटरी मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने पर्सनलाइज्ड मेडिसिन (व्यक्ति-विशेष के लिए उपचार) के महत्व पर जोर दिया और मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाने में मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स की अहम भूमिका को रेखांकित किया। डीन (एकेडमिक्स) प्रो. सौरभ वार्ष्णेय ने पैथोलॉजी के पारंपरिक मॉर्फोलॉजी-आधारित डायग्नोसिस से मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स की ओर हो रहे बदलाव पर विस्तृत प्रकाश डाला। डीन (रिसर्च) प्रो. शैलेंद्र एस. हांडू ने रिसर्च-आधारित इनोवेशन के बढ़ते महत्व को समझाया और मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में इस प्रकार के आयोजनों की सराहना की।

पहले दिन के कार्यक्रम को पैथोलाॅजी और लेबोरेटरी विभाग के हेड प्रो. संजीव किशोर, रिर्सोस फेकल्टी और एम्स मंगलागिरी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रशांत जोशी, पैथोलॉजी एवं लेबोरेटरी मेडिसिन विभाग की सीनियर प्रोफेसर प्रो. शालिनी राव, एसो. प्रोफे. डाॅ. प्रियवधना बी. और मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू) के नोडल ऑफिसर प्रो. निलोत्पल चौधरी आदि ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने विभिन्न सेशनों के माध्यम से प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन सेशन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया और विभिन्न प्रकार तकनीकी और व्यवहारिक लाभकारी जानकारियां दीं। बताया गया कि वर्कशॉप को प्रतिभागियों के लिए आधुनिक मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो मेडिकल शिक्षा, रिसर्च और मरीजों की देखभाल को आगे बढ़ाने के प्रति एम्स ऋषिकेश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यशाला में विभागीय डाॅक्टरों के अलावा बड़ी संख्या में संस्थान के पैथोलाॅजिस्ट व तकनीकी स्टाफ मौजूद रहा।

More From Author

विश्व जूनोसिस दिवस के अवसर पर एम्स द्वारा रेड फोर्ट इंटरनेशनल स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 495 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Comments

No comments to show.