- हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार, सभ्यता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की पहचान है: डॉ. अग्रवाल

ऋषिकेश। हिंदी दिवस के अवसर पर ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने अपने ऋषिकेश स्थित कैंप कार्यालय में विभिन्न शिक्षण संस्थानों में हिंदी का शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों को सम्मानित किया। उन्होंने शिक्षकों को शॉल ओढ़ाकर, माला पहनाकर, गुलदस्ता भेंट कर एवं मिष्ठान खिलाकर सम्मानित किया तथा हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर डॉ. अग्रवाल ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार, सभ्यता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की पहचान है। हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने और आने वाली पीढ़ियों को अपनी मातृभाषा एवं राष्ट्रभाषा के प्रति गौरव का भाव जगाने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि हाल ही में ब्रिक्स सम्मेलन में आए विदेशी मेहमानों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा हिंदी में वार्तालाप करना और अपना उद्बोधन भी हिंदी में देना हिंदी के प्रति उनके भाव एवं सम्मान को दर्शाता है। प्रधानमंत्री जी के इस प्रयास से विश्व पटल पर हिंदी की प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ी है। आज हिंदी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रही है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को हिंदी के साहित्य, इतिहास और समृद्ध परंपरा से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। हिंदी का सम्मान वास्तव में अपनी जड़ों, संस्कृति और भारतीयता का सम्मान है। उन्होंने हिंदी शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति प्रेम, गौरव और आत्मविश्वास की भावना विकसित करें।
हिंदी दिवस के अवसर पर सम्मानित होने वालों में सुशीला बर्थवाल (प्रवक्ता, भरत मंदिर इंटर कॉलेज), नीलम रावत (प्रवक्ता, पंजाब सिंध क्षेत्र इंटर कॉलेज), प्रमोद बडोला (प्रवक्ता, सत्येश्वरी देवी मेमोरियल इंटर कॉलेज), डॉ. नागेंद्र प्रसाद पोखरियाल (सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज आवास विकास), मोहनलाल रणाकोटी एवं नीता गोस्वामी (गढ़ी इंटर कॉलेज) शामिल रहे।
कार्यक्रम में गढ़ी ग्राम प्रधान बॉबी रांगड़, उप प्रधान शुभांकित रावत, श्यामपुर मंडल अध्यक्ष चंद्र मोहन पोखरियाल एवं ऋषिकेश महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष निवेदिता सरकार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



