
ऋषिकेश। निर्मल आश्रम दीपमाला पब्लिक स्कूल के प्रांगण में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं सहायक स्टाफ ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे सिविल जज, सीनियर डिवीजन विनोद कुमार बर्मन ने समस्त विद्यार्थियों को यौन शोषण के विषय में अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां दी। आर्टिकल 15 में राज्य को बच्चों के बेहतर भविष्य के प्रावधान सुनिश्चित करने के बारे में बताया। पतंग एवं डोर का उदाहरण देते हुए बच्चों को अनुशासित जीवन की महत्ता बताई। आधुनिक गैजेटस की गुलामी से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।


साथ ही बताया कि जो कानून आपकी सुरक्षा के लिए बने है उनका गलत उपयोग न किया जाए। विद्यार्थियों ने भी अनेक प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया।
श्यामपुर, चैकी इंचार्ज सुमित चैधरी ने भी अपने अमूल्य वचनों द्वारा बच्चों को नशे की लत से दूर रहने को कहा क्योंकि नशे के कारण बच्चे अनेक आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं। साथ ही उन्होंने बच्चों को सोशल मीडिया में अपनी व्यक्तिगत जानकारियाँ साझा करने तथा आॅनलाइन दोस्ती बनाने से मना किया।


18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाने से मना किया तथा अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। चाइल्ड हेल्पलाइन, देहरादून की सुपरवाइजर मीना खरोला ने भी बच्चों को ‘अच्छे व बुरे स्पर्श’ से सम्बन्धित अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी।

विद्यालय की प्रधानाचार्या ने मुख्य अतिथि विनोद कुमार बर्मन, सुमित चैधरी एवं शिवम कक्कड़ को विद्यालय का स्मृति चिन्ह एवं उपहार स्वरूप अमूल्य पौधा भेंट किया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती ललिता कृष्णा स्वामी, अधिवक्ता शिवम कक्कड़, विधिक प्राधिकरण के सदस्य, सीनियर समन्वयक मुकुल तायल, शम्मी पैन्यूली, शिक्षक वर्ग एवं सहायक स्टाफ के लोग उपस्थित थे।
