
जसपुर( ऊधम सिंह नगर)। उत्तराखंड के जनपद ऊधम सिंह नगर के विकासखंड जसपुर अंतर्गत ग्राम हजीरो निवासी श्रीमती भावना, पत्नी श्री जसवंत सिंह, ग्रामीण महिला सशक्तीकरण एवं आजीविका संवर्धन की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। पूर्व में परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। सीमित आय के कारण परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और स्थायी आजीविका का साधन विकसित करने की आवश्यकता थी।
इसी क्रम में आईफ़ैड-वित्तपोषित ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के अंतर्गत श्रीमती भावना को अल्ट्रापुअर पैकेज के माध्यम से पशुपालन, अंतरगर्त गाय पालन गतिविधि से जोड़ा गया। सूर्या स्वयं सहायता समूह से जुड़ी भावना को परियोजना के अंतर्गत स्वरोजगार स्थापित करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ। इससे उन्हें अपनी आजीविका को एक व्यवस्थित उद्यम के रूप में विकसित करने का अवसर मिला।
गाय पालन गतिविधि की कुल लागत ₹40,000 रही, जिसमें लाभार्थी का स्वयं का अंशदान ₹5,000 तथा परियोजना के माध्यम से ₹35,000 का ब्याजमुक्त ऋण शामिल था। इस सहयोग से उन्होंने एक गाय खरीद कर अपनी आजीविका गतिविधि प्रारंभ की। परियोजना के सहयोग और उनके निरंतर प्रयासों से यह पहल धीरे-धीरे परिवार की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन गई।
इस गतिविधि के प्रारंभ होने से अब तक भावना ने कुल ₹91,450 की आय अर्जित की है, जबकि इस दौरान कुल व्यय ₹34,680 रहा। इस प्रकार उन्हें ₹56,770 का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। परियोजना अभिलेख के अनुसार, गतिविधि से औसतन ₹2,500 से ₹3,000 प्रतिमाह का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सीएलएफ (संकुल स्तरीय संघ) को ₹21,000 की ब्याजमुक्त ऋण राशि वापस की है। वर्तमान में गाय पालन गतिविधि से उनकी मासिक बचत लगभग ₹5,000 से ₹6,000 तक पहुंच रही है।
ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के सहयोग से श्रीमती भावना के जीवन में आए इस बदलाव ने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना को भी मजबूत किया है। आज वह अपनी आजीविका का संचालन करते हुए परिवार के भरण-पोषण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
