जिलाधिकारी की अध्यक्षता में वन अग्नि सुरक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित

 

 

 

चमोली। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सभागार में जिला स्तरीय वन अग्नि सुरक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जंगल में लगने वाली आग के कारणों, आग से जंगल को बचाने के लिए वन विभाग के द्वारा किये जा रहें प्रयासों, जन जागरूकता के लिए किये जा रहें प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की गयी।

जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को तहसील प्रशासन और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों से समन्वय करते हुए वनाग्नि को रोकने के बेहतर उपाय किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय लोगो, सरपंच वन पंचायत, महिला मंगल दलों के साथ मिलकर लोगों में जन जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी क्रू स्टेशनो में आवश्यक उपकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने वन विभाग की टीम को अधिक से अधिक फील्ड में गस्त करने और निरंतर सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने पिरुल लाओ पैसे पाओ की योजना से लोगो से पिरुल इकट्ठा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्व में ही कंट्रोल फायर के माध्यम से जंगलो की सफाई करने के भी निर्देश दिए। साथ ही जंगलो को आग से बचाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी निरंतर जनजागरूकता कार्यक्रमों के प्रचार प्रसार के निर्देश दिए।

बैठक में एसडीओ जुगल किशोर चौहान ने बताया कि वन प्रभाग के 161547.25 हेक्टयर संवेदनशील तथा 39736.62 हेक्टेयर क्षेत्र अतिसंवेदनशील है।उन्होंने बताया अग्नि सुरक्षा हेतु जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समिति, विकासखंड स्तर पर ब्लॉक प्रमुख की अध्यक्षता में एवं ग्राम पंचायत के स्तर पर ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में वन अग्नि की रोकथाम हेतु समितियों का गठन किया गया है।उन्होंने पीपीटी के माध्यम से जनजागरूकता के लिए कराये जा रहें कार्यों की जानकारी भी दी।साथ ही अग्नि सुरक्षा हेतु प्रचार -प्रसार, वन क्षेत्रों में फायर लाइन के सफाई, कण्ट्रोल फायर, क्रू स्टेशनों में आवश्यक उपकरणो के  आगामी वर्ष के प्रस्तावित कार्यों की भी जानकारी दी।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी, डीएफओ प्रियंका सुंडली, मुख्य शिक्षाधिकारी श्रीकांत पुरोहित,सदस्य प्रदेश समिति रेड क्रॉस ओम प्रकाश भट्ट, एसडीओ विकास दरमोडा, एसडीओ मोहन सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दकिशोर जोशी एवं सभी वन दरोगा उपस्थित रहें, साथ ही मीटिंग में सभी उपजिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहें।

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