शताब्दी समारोह की तैयारियों को मिला संगठित, सुरक्षित और सांस्कृतिक स्वरूप, नो कार्ड नो एंट्री है लागू

 

 

 

हरिद्वार। राजा दक्ष की नगरी कनखल स्थित वैरागी द्वीप पर आयोजित होने जा रहे अखिल विश्व गायत्री परिवार के ऐतिहासिक शताब्दी समारोह की तैयारियाँ अब पूर्णतः सुव्यवस्थित, तकनीकी रूप से सुरक्षित और वैचारिक रूप से सुदृढ़ स्वरूप में सामने आ रही हैं। इसी क्रम में शताब्दी समारोह के दलनायक डॉ. चिन्मय पंड्या एवं हिमायलन इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस, जौलीग्र्रांट के प्रमुख डॉ विजय धस्माना के कर-कमलों से सांस्कृतिक विभाग, महिला प्रकोष्ठ, केंद्रीय जोनल कार्यालय, विद्युत विभाग, समूह चर्चा-संकल्प कार्यालय, उद्यान विभाग, संगीत विभाग, पंजीयन कार्यालय तथा अस्थायी अस्पताल सहित अनेक महत्वपूर्ण व्यवस्थागत इकाइयों का विधिवत अनावरण किया गया।
आयोजन की सुरक्षा और सुव्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए गेट नंबर 1 पर पंजीयन कार्यालय का विधिवत अनावरण किया गया। शताब्दी समारोह में बारकोड आधारित डिजिटल पंजीयन प्रणाली लागू की गई है, जो आधार ऑथेंटिकेशन से जुड़ी होगी। इससे प्रत्येक प्रतिभागी, कार्यकर्ता एवं आगंतुक की पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी। समारोह मे नो कॉर्ड नो एंट्री नियम सख्ती से लागू रहेगा। वहीं केंद्रीय जोनल कार्यालय, संस्कृतिक विभाग, महिला प्रकोष्ठ, केंद्रीय जोनल कार्यालय, विद्युत विभाग, समूह चर्चा, उद्यान विभाग, संगीत विभाग, पंजीयन कार्यालय तथा अस्थायी अस्पताल का अनावरण किया गया।
शांतिकुंज की केंद्रीय टीम द्वारा देशभर में संगठनात्मक विस्तार के अंतर्गत पूर्वी जोन, पश्चिमी जोन एनसीआर सहित 13 जोनों में बांटा गया है। पूरे देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले कार्यकर्ता इस केंद्रीय जोनल कार्यालय के माध्यम से संपर्क, समन्वय एवं मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे आयोजन अवधि में संगठनात्मक व्यवस्था और संवाद को और अधिक सुचारु बनाया जा सकेगा। सांस्कृतिक गरिमा को सुदृढ़ करने हेतु संस्कृतिक विभाग का उद्घाटन किया गया, जिसमें आदिवासी सम्मेलन, देश की विभिन्न जनजातियों की झलकियाँ, राज्यों के कार्यकर्ताओं द्वारा राज्य-विशेष आधारित प्रस्तुतियाँ तथा प्रस्तावित ज्योति कलश रैली में झांकियों की प्रस्तुति की रूपरेखा रखी गई। वहीं संगीत विभाग का उद्घाटन शंखनाद, विविध वाद्य यंत्रों एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अत्यंत कर्णप्रिय वातावरण में संपन्न हुआ।
इसके साथ ही समूह चर्चा एवं संकल्प कार्यालय में संगठन को मजबूत व विस्तार के लिए विचार-विमर्श हेतु शांतिकंुज कार्यकर्त्ताओं की 40 टीम बनाई गयी है। शताब्दी समारोह में बने अस्थायी अस्पताल में 16 बिस्तर, 10 चिकित्सक, 4 एंबुलेंस तथा 20 से अधिक सहयोगी स्टाफ है। अस्पताल का संचालन चौबीसों घंटों किया जा रहा है तथा आपातकालीन सेवाएँ हर समय उपलब्ध रहेंगी। इस अवसर पर हरिद्वार के सीएमओ डॉ. आर.के. सिंह, शांतिकंुज व्यवस्थापक श्री योगेन्द्र गिरि, जन्मशताब्दी समारोह कोर टीम के सदस्य श्री गौरीशंकर सैनी, श्री वीरेन्द्र तिवारी, श्री श्याम बिहारी दुबे, श्री उदय किशोर मिश्रा एवं चिकित्सालय की प्रभारी डॉ मंजू चोपदार व अन्य उपस्थित रहे।

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