गौचर मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या रही पम्मी के नाम

गौचर (चमोली)। गौचर मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या जागर गायिका पम्मी नवल के नाम रही। उन्होने अपने जागरों के माध्यम से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत पम्मी नवल ने घुराणी का दिन… जागर से की। इसके पश्चात उन्होंने मि कैन लगाई बाडुली.. गाना गाया। अब ह्वैगी देवतों संध्या बाली बार… जागर गाया तो दर्शकों ने तालियों से उनका हौसला अफजाई की। इसके बाद नंदू का दादा कख जायां छा… गाने के बाद जब उन्होंने भैरव जागर की प्रस्तुति दी तो मंच पर ही एक कलाकार महिला पर देवता अवतरित हो गया। वहां मौजूद पंडित ने किसी तरह मामला शांत करवाया। उनकी टीम के मिनराल रतूड़ी ने हे नंदा हे गौरा कैलाशों की देवी भक्ति गीत गाया तो दर्शकदीर्घा भक्तिमय हो गई। इसके पश्चात उन्होंने मि पहाड़ों को रैवासी तू दिल्ली की रैण वाली.. गाना गाया तो दर्शक दीर्घा झूम उठी। इससे पूर्व जनहित सांस्कृतिक मंच द्वारा भी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दर्शकों का मनोरंजन किया गया। शिक्षण संस्थाओं के प्रतियोगितात्मक सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया।

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