आचार्य बालकृष्ण को मिला ‘विश्व आयुर्वेद रत्न’ सम्मान

  • नई दिल्ली में आयोजित अर्थ अवार्ड 2026 में मिला सम्मान
  • आयुर्वेद और सतत विकास के बीच गहरे संबंध पर विचार किये साझा

हरिद्वार। आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने और भारतीय ज्ञान-परंपरा के संरक्षण में निरंतर कार्य कर रहे आचार्य बालकृष्ण को एक और अंतरराष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है। नेट ग्रीन फाउंडेशन की ओर से आयोजित अर्थ अवार्ड एंड हाई इंपैक्ट सस्टेनेबिलिटी डायलॉग 2026 के अंतर्गत उन्हें ‘विश्व आयुर्वेद रत्न’ से अलंकृत किया गया। यह गरिमामयी समारोह यूनेस्को हाउस नई दिल्ली में आयोजित हुआ। जिसमें देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मौजूद रहें। हालांकि आचार्य बालकृष्ण इस कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने इस सम्मान को आयुर्वेद की उस महान परंपरा को समर्पित किया जो हजारों वर्षों से मानवता के समग्र स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का मार्ग प्रशस्त करती आई है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि उस समृद्ध भारतीय परंपरा का है, जिसने ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के सिद्धांत को जीवन में उतारा। कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा तथा यूनेस्को की प्राकृतिक विज्ञान इकाई के प्रमुख डॉ. बेन्नो बोएर सहित कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और नीति-निर्माता उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी गणमान्य अतिथियों ने आयुर्वेद और सतत विकास के बीच गहरे संबंध पर विचार साझा किए।

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