रिस्पना को नया जीवन देने की तैयारी, जिला प्रशासन-नगर निगम की संयुक्त मुहिम तेज

  • नदी नहीं बनेगी कूड़ाघर, रिस्पना के पुनरुद्धार को लेकर प्रशासन सख्त; महापौर संग ग्राउण्ड जीरो पर पंहुचे डीएम एवं मुख्य नगर आयुक्त
  • शहर में नदी-नालों की सफाई युद्धस्तर पर संचालित, डीएम उतरे मैदान में
  • नदियों के सफाई अभियान में जुटा प्रशासन, 12 जेसीबी और 15 डम्परों से चल रहा सफाई अभियान

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आज राजीव नगर क्षेत्र से रिस्पना नदी में चल रहे सफाई एवं पुनरुद्धार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान महापौर सौरभ थपलियाल तथा मुख्य नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय भी उपस्थित रहे। महापौर एवं अधिकारियों ने मौके पर सफाई कार्यों का जायजा लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर सफाई अभियान की प्रगति का निरीक्षण किया तथा कार्यों की गुणवत्ता एवं गति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मानसून से पूर्व रिस्पना नदी की व्यापक सफाई सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है, जिससे वर्षाकाल में जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे तथा नदी संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिल सके।


नगर निगम देहरादून द्वारा मार्च माह से नगर निगम क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक लगभग 17 हजार मीट्रिक टन कूड़े का उठान किया जा चुका है। नगर निगम द्वारा बिंदाल नदी के लगभग 8 किलोमीटर तथा रिस्पना नदी के लगभग 12 किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक सफाई कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त शहर के विभिन्न नदी-नालों एवं जलधाराओं में भी अभियान के रूप में नियमित सफाई कार्य जारी है।
जिला प्रशासन एवं नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा रिस्पना नदी की सफाई एवं पुनरुद्धार का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इस अभियान में नगर निगम द्वारा 12 जेसीबी मशीनें एवं 15 डम्पर लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से नदी क्षेत्र से कूड़ा, मलबा एवं अवरोधों को हटाया जा रहा है।


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि नमामि गंगे एवं जिला स्वच्छता समिति के माध्यम से नदी संरक्षण एवं स्वच्छता के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके अंतर्गत ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण किया जा रहा है जहां कूड़े के ढेर लगे हुए हैं तथा उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाएगा। साथ ही, नदी में गिरने वाले बिना उपचारित (अनट्रीटेड) नालों के जल के उपचार की दिशा में भी प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने कहा कि रिस्पना नदी के पुनरुद्धार हेतु दीर्घकालिक एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध ढंग से कार्य किया जाएगा। जिला प्रशासन, नगर निगम एवं संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों तथा दृढ़ इच्छाशक्ति से नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा।


जिलाधिकारी ने इस अभियान में नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए संसाधनों एवं सहयोग के लिए नगर निगम का आभार व्यक्त किया तथा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों को और अधिक गति देने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम आलोक कुमार पाण्डेय, एसएनएस राजवीर सिंह, तनवीर सिंह सहित नगर निगम एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

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