सेतु आयोग के सीईओ ने राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन से संबंधित विषयों पर की चर्चा

देहरादून। सोमवार को सचिवालय में सेतु आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में विभिन्न विभागीय अधिकारियों एवं संस्थाओं की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य के पर्यटन, कृषि, उद्यान, स्वास्थ्य, तकनीकी विकास आदि क्षेत्रों मंे दीर्घकालिक विकास एवं रोजगार सृजन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

सेतु आयोग द्वारा विभिन्न जनपदों में ग्रामीण स्तर पर सार्वजनिक सेवाओं और डिजिटल सुविधाआंे के विस्तार के लिए ‘एकीकृत स्माट विलेज केन्द्रों‘ की शुरूआत की गई है। इन केन्द्रों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं का आकलन कर दूरगामी योजनाएं तैयार करना है। किसानों, महिलाआंे, युवाओं आदि को बेहत्तर सरकारी सेवाएं उपलब्ध हो सके, इसके लिए विभागीय कन्वर्जन मॉडल के तहत स्थानीय समुदायों के मध्य विश्वसनीयता कायम करते हुए स्थानीय जनसमुदाय की सहभागिता पर जोर देने की बात कही गई।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शत्रुघ्न ने कहा कि सेतु आयोग राज्य की भौगोलिक और पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित एवं समावेशी विकास के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंच सके, इसके लिए संयुक्त रूप से प्रयास करने होंगे। ग्रामोत्थान के लिए विभिन्न विभागों को गंभीरता से विभागीय योजनाओं को कन्वर्जन में लेकर कार्य करना होगा। इसके लिए ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं संस्थाओं की सहभागिता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि राज्य के संतुलित, समावेशी एवं सतत विकास को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विभागों को समन्वय बढ़ाकर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा, ताकि ग्राम स्तर की समस्याओं का समाधान वहीं पर हो सके। उन्होंने पंचायत स्तर पर चिन्ह्ति सेंटर के प्रतिनिधियों को स्थानीय लोगों से संवाद कर एक साल की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये। साथ ही सरकारी विभागों द्वारा संचालित योजनाएं बेहत्तर ढंग से कैसे उपलब्ध हो सके, इसको भी कार्ययोजना में समाहित कर जून के अन्तिम सप्ताह तक उपलब्ध कराने को कहा गया।

बैठक के दौरान राज्य के संतुलित, समावेशी एवं सतत विकास को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय बढ़ाकर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया गया। संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा अपने कार्य अनुभव एवं सुझाव प्रस्तुत किए गए। बैठक में चिन्ह्ति सेंटरों को स्मार्ट सेंटर बनाने, हेल्प डेस्क बनाने, योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित कर उनका सहयोग लेने के साथ बिजनेस मॉडल की एसओपी बनाने आदि कई सुझाव रखे गये।

बैठक में सलाहकार डॉ. भावना शिंदे सहित सेवायोजन, जलागम, स्वास्थ्य आदि अन्य विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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