पर्यटन मंत्री महाराज से मिले साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय, लंदन के छात्र-छात्राएं

  • भारतीय संस्कृति, उत्तराखंड के भोजन और व्यवस्थाओं की सराहना

देहरादून। साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय, लंदन के छात्र-छात्राओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के इंडिया सेंटर के प्रथम ICCR चेयर ऑफ इंडिया स्टडीज और विजिटिंग प्रोफेसर चंद्र प्रकाश कांडपाल के नेतृत्व में प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज से उनके सुभाष रोड स्थित कैंप कार्यालय पर शिष्टाचार भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड में पर्यटन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली और अपने सुझाव भी दिए।

यह भ्रमण भारत अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम (India Experiential Learning Program) के तहत आयोजित किया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण के पश्चात यह दल उत्तराखंड पहुँचा है।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने बताया कि साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय की टीम भारत भ्रमण पर है, जिसका उद्देश्य भारत की सभ्यता और संस्कृति को करीब से जानना और विश्व के अन्य देशों में उसे प्रचारित करना है। उन्होंने बताया कि इस विश्वविद्यालय में विश्व के विभिन्न देशों के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

श्री महाराज ने कहा कि भ्रमण पर आए सभी छात्र-छात्राएं निश्चित रूप से उत्तराखंड के पर्यटन को दुनिया में प्रचारित-प्रसारित करने में सहयोग देंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उत्तराखंड की धरती पर उनका अभिनंदन किया है।

पर्यटन मंत्री ने छात्र-छात्राओं को बताया कि ऋषिकेश स्थित बीटल्स आश्रम में प्रसिद्ध बैंड बीटल्स आया था और माँ गंगा के आशीर्वाद से उन्होंने अपने 48 सबसे प्रसिद्ध गाने इसी धरती पर लिखे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क है, सरकार होमस्टे को बढ़ावा दे रही है, एस्ट्रो टूरिज्म को प्रमोट किया जा रहा है और यह दल यहाँ से अच्छी यादें लेकर जाएगा।छात्र-छात्राओं ने भारतीय संस्कृति, भोजन और उत्तराखंड में रहने की व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा की।

प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रोग्राम के कोऑर्डिनेटर डॉ. अमित कुमार और प्रोफेसर साबू पदम दास भी मौजूद थे।

More From Author

ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना के सहयोग से उधमसिंह नगर के चार विकासखंडों में ग्रामीण आजीविका एवं उद्यमिता सशक्तीकरण हेतु प्रशिक्षण

एआई के दौर में डेमोक्रेसी पर महामंथन, देसंविवि में जुटे देश-विदेश के विशेषज्ञ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Comments

No comments to show.