
उधमसिंह नगर। ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करने, महिला समूहों एवं सामुदायिक संस्थाओं की क्षमता बढ़ाने तथा ग्रामीण उद्यमों को वित्तीय प्रबंधन, सुशासन और बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना की सहायता से जनपद के विभिन्न विकासखंडों में क्षमता निर्माण प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में बाजपुर, रुद्रपुर, काशीपुर एवं गदरपुर विकासखंडों में 15 सितंबर को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें CLF पदाधिकारियों, निदेशक मंडल, क्लस्टर स्टाफ एवं संबंधित प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

बाजपुर में दो दिवसीय पशुचारा प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसमें गुणवत्तापूर्ण पशुचारा, पशु पोषण, चारा प्रबंधन तथा पशुपालन को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने की जानकारी दी गई, जिससे पशुपालन आधारित ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिल सके।

रुद्रपुर में सुशासन एवं वित्तीय प्रबंधन प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस में वार्षिक आय-व्यय लेखा, वार्षिक रिपोर्ट एवं लेखा परीक्षण, न्यूनतम सदस्य कोरम, संगठन संरचना, आगामी रणनीति, बैलेंस शीट तथा लाभांश जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर श्री आदित्य कुमार राय, आजीविका समन्वयक-रुद्रपुर एवं AM-I&I द्वारा प्रदान किया गया।
काशीपुर में व्यवसायिक योजना निर्माण एवं विपणन प्रबंधन के तीन दिवसीय प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस में चारों क्लस्टरों के पदाधिकारियों एवं क्लस्टर स्टाफ ने प्रतिभाग किया। ग्राहकों की पहचान एवं लक्ष्यीकरण, SWOT विश्लेषण, उत्पाद लागत निर्धारण, लाभ-अलाभ बिंदु, प्रतिस्पर्धा विश्लेषण, बिजनेस मॉडल कैनवास तथा उत्पाद मूल्य निर्धारण पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण श्री विजय कुमार श्रीवास्तव एवं श्री हरि शंकर वर्मा द्वारा दिया गया।

गदरपुर में तीन दिवसीय वित्तीय प्रबंधन प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस में सहायक परियोजना निदेशक, DRDA द्वारा प्रशिक्षण का निरीक्षण किया गया। CLF पदाधिकारियों को NRLM एवं ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना के विभिन्न कंपोनेंट्स की जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनर श्री उमेश छिमवाल (M&E, काशीपुर) ने वित्तीय प्रबंधन, कैश बुक, लेजर, बैंक मिलान, अभिलेख रख-रखाव, पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर प्रशिक्षण दिया। महिला उद्यमियों ने अपने व्यावहारिक अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी, सहायक खंड विकास अधिकारी, NRLM से BMM एवं जिला स्तरीय सहायक प्रबंधक (सेल्स) उपस्थित रहे।
इन प्रशिक्षणों का उद्देश्य ग्रामीण संस्थाओं को सक्षम, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना तथा महिला एवं ग्रामीण उद्यमियों की व्यवसायिक समझ, वित्तीय अनुशासन, बाजार ज्ञान और निर्णय क्षमता को मजबूत करना है। ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना के सहयोग से हो रहे ये प्रयास आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, टिकाऊ आजीविका और उद्यमिता को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।



