देहरादून। एफआरआई के वन पारिस्थितिकी एवं जलवायु परिवर्तन प्रभाग ने भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद के अंतर्गत इकोलाजिकल टेरिटोरियल आर्मी (इको टास्क फोर्स) के अधिकारियों के लिए वन पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण एवं प्रबंधन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधान में प्रायोजित यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। समापन सत्र में वन पारिस्थितिकी एवं जलवायु परिवर्तन प्रभाग की प्रमुख एवं वैज्ञानिक-एफ डा. पारुल भट्ट कोटियाल ने स्वागत किया तथा तीन दिनों के प्रशिक्षण की एक संक्षिप्त झलक प्रस्तुत की। इस अवसर पर वन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. सुधीर कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित किया।
उन्होंने वनों के क्षरण, वनाग्नि तथा आक्रामक विदेशी पादप प्रजातियों से उत्पन्न बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों को रेखांकित करते हुए क्षरित क्षेत्रों के प्रभावी पुर्नस्थापना के लिए इको टास्क फोर्स अधिकारियों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। संस्थान के वैज्ञानिक-सी डा. अभिषेक वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रशिक्षण के दौरान भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान, भारतीय वन्यजीव संस्थान एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ वक्ताओं ने वन पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण, भू-स्थानिक उपकरण एवं प्रौद्योगिकियां, वनाग्नि प्रबंधन, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन, जैव विविधता निगरानी, मृदास्वास्थ्य, आक्रामक खरपतवार प्रबंधन तथा मृदा एवं जल संरक्षण जैसे विषयों पर व्याख्यान दिए। मसूरी वन प्रभाग के बेनोग वन्यजीव अभयारण्य में आयोजित क्षेत्र-आधारित सत्र में प्रशिक्षुओं को दीर्घकालिक पारिस्थितिक निगरानी, जलग्रहण क्षेत्र की प्रक्रियाओं तथा बदलती जलवायु परिस्थितियों में मृदा की गतिशीलता से अवगत कराया गया। प्रतिभागियों ने वन अनुसंधान संस्थान के संग्रहालयों, काष्ठ संग्रहालय (जाइलैरियम), वनस्पति संग्रहालय (हर्बेरियम) व वन पौधशालाओं का भी भ्रमण किया, जिससे उन्हें वन संसाधनों एवं उनके सतत प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
