एम्स के मनोचिकित्सा विभाग द्वारा काॅलेज ऑफ नर्सिंग और आयुष विभाग के संयुक्त तत्वाधान में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया

  • मानसिक स्वास्थ्य समग्र कल्याण का एक अनिवार्य हिस्सा है और इसे शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए: निदेशक प्रो. मीनू सिंह 

ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश के मनोचिकित्सा विभाग द्वारा काॅलेज ऑफ नर्सिंग और आयुष विभाग के संयुक्त तत्वाधान में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया गया। इस दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के अलावा रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं मानसिक कल्याण संबंधी गतिविधियां आयोजित की गयीं ।

इस वर्ष की थीम “मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अनुभवों को मिले आवाज, वास्तविक बदलाव की हो शुरुआत” रही। संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह के मार्गदर्शन में संचालित कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मनोवैज्ञानिक समस्याओं पर खुलकर संवाद को प्रोत्साहित करना तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे लोगों के अनुभवों को सुनने और समझने के महत्व को रेखांकित करना था। संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य समग्र कल्याण का एक अनिवार्य हिस्सा है और इसे शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां लोग बिना किसी भेदभाव या सामाजिक कलंक के भय के अपने अनुभव साझा कर सहायता प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में उत्तराखंड की पारंपरिक लोककला ‘ऐपण’ को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता से जोड़ते हुए ऐपण कला प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी।

उधर संस्थान के आयुष विभाग के सहयोग से योग एवं माइंडफुलनेस सत्र आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक वर्गों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। सत्र में विश्राम, सजग श्वसन, मानसिक एकाग्रता, तनाव प्रबंधन तथा दैनिक जीवन में संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित शारीरिक गतिविधि, योग और माइंडफुलनेस तनाव को नियंत्रित करने, मनोदशा में सुधार लाने तथा समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं। एक अन्य कार्यक्रम में काॅलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक द्वारा जीवन के महत्व, पारिवारिक तनाव के कारणों की पहचान तथा घर में सुखद, स्वस्थ और सहयोगात्मक वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया। इस इवेंट को काॅलेज ऑफ नर्सिंग की प्रिन्सिपल प्रो. स्मृति अरोड़ा व एसो. प्रोफे. डाॅ. राजेश कुमार द्वारा संबोधित भी किया गया।

कार्यक्रम का समापन वैलेडिक्टरी सत्र एवं पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. वंदना कुमार ढींगरा, मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल धीमान, प्रो. अनिंद्य दास, प्रो. रवि गुप्ता एवं डॉ. जितेंद्र रोहिल्ला सहित कॉलेज ऑफ नर्सिंग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जेवियर बेल्सी सी, सह-आचार्य डॉ. मलार कोटी, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट सुश्री प्रिया सिंह, मनोचिकित्सा विभाग के डॉ. सचिन कुमार द्विवेदी, नर्सिंग ट्यूटर सुश्री जी.वी. अन्नपूर्णा, डाॅ. आनन्द सिंह राठौर, डाॅ. सचिन कुमार द्विवेदी एवं श्री मुकेश कुमार सहित डॉ. स्वस्तिका, डॉ. भूमा, डॉ. आनंद सिंह, डॉ. दिनेश चंदेला, डॉ. हर्षित और डॉ. आर्निका उपस्थित रहे।

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