गोमुख से गंगासागर की प्रज्ञा पदयात्रा का शांतिकुंज में स्वागत

  • जनजागरण, व्यसन मुक्ति और अंगदान का संदेश घर-घर पहुंचाएं: डॉ. चिन्मय पण्ड्या

हरिद्वार। गोमुख से गंगासागर तक की प्रज्ञा पदयात्रा सोमवार को गायत्री तीर्थ शांतिकुंज पहुंची। यहां युवा प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने सात सदस्यीय पदयात्रा दल का आत्मीय अभिनंदन करते हुए अभियान की सफलता की कामना की। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि नशामुक्त, संस्कारित एवं जागरूक भारत के निर्माण का जनआंदोलन है।
देवसंस्कृति विवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यात्रा के दौरान प्रत्येक गांव, कस्बे और नगर में जनसंपर्क कर व्यसन मुक्ति, सामाजिक जागरूकता तथा मृत्यु उपरांत अंगदान जैसे मानवीय अभियानों से लोगों को जोड़ें। उन्होंने कहा कि युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा प्रतिपादित युग निर्माण संविधान के सत्संकल्पों को जन-जन तक पहुंचाकर समाज में नैतिकता, सदाचार और राष्ट्रभक्ति की चेतना को सशक्त बनाया जा सकता है।
पदयात्रा दल ने शांतिकुंज की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धेया शैलदीदी ने यात्रा के दौरान संयम, अनुशासन, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने का संदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि अखिल विश्व गायत्री परिवार एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में देशव्यापी व्यसन मुक्ति जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। उसी क्रम में निकाली जा रही यह प्रज्ञा पदयात्रा युवाओं एवं समाज को नशे और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से जागरूक करने के साथ-साथ नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन का संदेश भी दे रही है।
पदयात्रा दल के संयोजक श्री मुरलीधर मौर्य ने बताया कि यात्रा के साथ व्यसनों की प्रतीकात्मक अर्थी भी निकाली जा रही है, जो समाज को नशे के दुष्परिणामों के प्रति सचेत करती है। यात्रा प्रतिदिन लगभग 20 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए विभिन्न स्थानों पर व्यसन मुक्ति, गायत्री परिवार के सप्त आंदोलनों, गायत्री दीप महायज्ञ तथा शिक्षाप्रद सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरण करेगी।
सात सदस्यीय दल में मुरलीधर मौर्य, आलोक कुमार मिश्र, पंकज कुमार रस्तोगी, संतोष वर्मा, राधेश्याम कटियार, मायाराम यादव एवं रामेश्वर प्रसाद यज्ञसैनी शामिल हैं। यह पदयात्रा 9 जुलाई को गोमुख से प्रारंभ हुई है और दीपावली के अवसर पर गंगासागर में गायत्री दीप महायज्ञ के साथ इसका समापन होगा।

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