योजनाओं को गाँव तक पहुंचाने के लिए कार्यशालाओं का करें आयोजन – ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी

  • कृषि, उद्यान एवं ग्रामीण विकास को नई गति देने पर कैबिनेट मंत्री का जोर, पौड़ी में क्लस्टर फार्मिंग व फ्लोरीकल्चर के विस्तार को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश

पौड़ी : श्रीनगर के एचएनबी परिसर सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कृषि, उद्यान, ग्राम्य विकास एवं सैनिक कल्याण विभागों के कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक की शुरुआत में ही मंत्री ने कहा कि जनपद के विकास के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और उनका लाभ सही व्यक्ति तक पहुँचना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग समन्वय बनाकर जमीनी स्तर पर परिवर्तन लाने के लिए ठोस प्रयास सुनिश्चित करें।

उन्होंने परियोजना निदेशक, डीआरडीए को निर्देशित किया कि दीन दयाल उपाध्याय कौशल विकास कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार केंद्रित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को गति मिले।

कृषि विभाग को एकीकृत क्लस्टर फार्मिंग को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए उन्होंने उद्यान विभाग को बताया कि कीवी और सेब उत्पादन के साथ-साथ फ्लोरीकल्चर (पुष्प उत्पादन) में अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। मंत्री ने कहा कि जिले में ड्रैगन फ्रूट की खेती की संभावनाओं को लेकर जिला विकास अधिकारी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और इसे जल्द प्रस्तुत करें।

उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं के अपर्याप्त प्रचार-प्रसार के कारण कई पात्र लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं। मंत्री ने जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि कम से कम न्यायपंचायत स्तर पर कार्यशालाएँ आयोजित कर योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और स्थानीय जनप्रतिनिधि योजनाओं की जानकारी पहुँचाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं।

पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कोटद्वार–दुगड्डा मार्ग के आमसौड़ क्षेत्र में सड़क सुधारीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। जिन मरम्मत या सुधारीकरण कार्यों हेतु अतिरिक्त बजट की आवश्यकता है, उन प्रस्तावों को तुरंत शासन को भेजने को कहा।

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को उन्होंने निर्देशित किया कि जिन परिसंपत्तियों का नामकरण शहीदों के सम्मान में करने में कोई तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन आ रही हो, वे सभी प्रकरण सीधे उनके समक्ष प्रस्तुत किए जाएँ, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, परियोजना निदेशक विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला उद्यान अधिकारी राजेश तिवारी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर करन रावत, जिला परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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