
देहरादून। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE) के अंतर्गत सतत भूमि प्रबंधन उत्कृष्टता केंद्र (CoE-SLM) द्वारा “सतत् भूमि प्रबंधन पद्धतियों द्वारा भूमि क्षरण तटस्थता प्राप्ति हेतु ग्रामीण समुदायों का सशक्तिकरण” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 9 से 11 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है। यह कार्यक्रम पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), भारत सरकार द्वारा वन प्रशिक्षण क्षमता निर्माण (FTCB) योजना के अंतर्गत वित्त पोषित है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश एवं राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के 25 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती आरती चौधरी, भा.व.से., निदेशक (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग), ICFRE द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने भूमि क्षरण की चुनौतियों से निपटने तथा भूमि क्षरण तटस्थता (LDN) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में ग्रामीण समुदायों की सक्रिय सहभागिता के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सतत भूमि प्रबंधन प्रथाओं को अपनाकर ही दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन एवं ग्रामीण आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की तथा क्षमता निर्माण के क्षेत्र में CoE-SLM के सतत प्रयासों की प्रशंसा की।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सतत भूमि प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों, भूमि क्षरण तटस्थता रणनीतियों तथा क्षेत्रीय अनुभवों पर आधारित तकनीकी और व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे अपने-अपने राज्यों में ग्रामीण समुदायों को सतत भूमि प्रबंधन प्रथाओं हेतु प्रेरित एवं सशक्त बना सकें।



