शांतिकुंज में तीन दिवसीय ‘कन्या कौशल शिविर’ का शुभारंभ, जम्मू-कश्मीर से पहुँचीं बेटियाँ

  • बेटियों का सशक्त होना अनिवार्य : शैफाली पण्ड्या

हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में जम्मू-कश्मीर प्रान्त की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और स्वावलंबन को दिशा देने के लिए तीन दिवसीय कन्या कौशल शिविर का शुभारंभ हुआ। तीन दिन चलने वाले इस शिविर में भाग लेने के लिए जम्मू-कश्मीर से बेटियां और अभिभावकों सहित 200 से अधिक परिजनों का दल शांतिकुंज पहुँचा है। शिविर का शुभारंभ गायत्री विद्यापीठ की प्रबंधन समिति की प्रमुख श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।


इस अवसर पर महिला मण्डल की प्रमुख श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने कहा कि सभी के सुखद एवं सफल भविष्य निर्माण के महत्वपूर्ण सूत्र साझा किए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बेटियों का सशक्त होना अनिवार्य है। उन्होंने व्यक्तित्व विकास, आंतरिक सौंदर्य, स्वास्थ्य संरक्षण और स्व-सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तृत प्रकाश डाला। इसके साथ ही वर्तमान समय की मांग को देखते हुए उन्होंने सोशल मीडिया एवं मोबाइल के सुरक्षित व सकारात्मक उपयोग के प्रति भी बालिकाओं को जागरूक किया।


देवसंस्कृति विवि के प्रतिकुलपति युवा आइकान डॉ चिन्मय पण्ड्या ने बेटियों को आत्मनिर्माण के साथ-साथ लोककल्याण के कार्यों में आगे बढक़र कार्य करने के विविध सूत्र बताया। उन्होंने युवा शक्ति को पूज्य गुरुसत्ता के संकल्पों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि समाज के नव-निर्माण के लिए आत्मनिर्माण पहली शर्त है।


शिविर समन्वयक ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाले इस वैचारिक और कौशल विकास सत्र में प्रतिभागियों को बेटियों का सशक्त होना अनिवार्य, गायत्री एवं यज्ञ का व्यावहारिक ज्ञान-विज्ञान, जीवन लक्ष्य, हमारे आदर्श और मित्र चयन में विवेक, सौन्दर्य बोध बनाम फैशन और स्व-सुरक्षा के गुर सहित विभिन्न जीवनोपयोगी विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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