- माननीय योगी जी के पैतृक गांव पंचूर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं श्री विष्णु महायज्ञ
- पूज्य संतों, आध्यात्मिक विभूतियों एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
- माननीय मुख्यमंत्री, उत्तरप्रदेश, श्री योगी आदित्यनाथ, योगगुरू स्वामी रामदेव, स्वामी चिदानन्द सरस्वती, माननीय कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड़, सतपाल महाराज, श्री धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, सीएमडी एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
- माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, श्री योगी आदित्यनाथ जी को पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने परमार्थ निकेतन की सिग्नेचर भेंट स्वरूप दिव्य
- रूद्राक्ष का पौधा एवं भगवान शिव की दिव्य प्रतिमा भेंट की


पंचूर/यमकेश्वर। उत्तराखण्ड की भूमि देवभूमि है, यहां पर दिव्यता, आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सौन्दर्य का अद्भुत संगम है। चारों धाम, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री से सुशोभित यह पावन धरती भारत की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। माँ गंगा का उद्गम, हिमालय की अलौकिक श्रृंखलाएँ और ऋषि-मुनियों की तपस्थली इसे विश्व में विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। उत्तराखण्ड केवल “स्पिरिचुअल लैंड” ही नहीं, बल्कि अपनी अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, शांत वादियों और स्वच्छ वातावरण के कारण “भारत का स्विट्जरलैण्ड” भी है। यहाँ की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति हर व्यक्ति को आत्मिक शांति और ऊर्जा प्रदान करती हैं।

माननीय मुख्यमंत्री, उत्तरप्रदेेश श्री योगी आदित्यनाथ जी के पैतृक गांव, पंचूर में धर्म, संस्कृति एवं आध्यात्मिक चेतना के पावन संगम स्वरूप नव निर्मित विष्णु मन्दिर “श्री मंदिर प्राण प्रतिष्ठा एवं सांस्कृतिक समारोह” का भव्य आयोजन आज श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। इस दिव्य अवसर पर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री गण, पूज्य संत, आध्यात्मिक विभूतियों एवं अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।


इस दिव्य समारोह में माननीय मुख्यमंत्री, उत्तरप्रदेश, श्री योगी आदित्यनाथ जी, योगगुरू स्वामी रामदेव जी, स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, माननीय कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड़, सतपाल महाराज जी, शिक्षा मंत्री श्री धन सिंह रावत जी, पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी, सीएमडी एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ यज्ञशाला में सभी विभूतियों ने आहुतियां समर्पित की। सभी ने मिलकर राष्ट्र के उन्नति व विकास हेतु मंदिर में दिव्य आरती की, जिससे सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा एवं भक्तिभाव से आलोकित हो उठा।

इसके उपरांत जनसभा को सम्बोधित किया जिसमें माननीय मुख्यमंत्री योगी जी, पूज्य संतों एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा भारतीय संस्कृति, सनातन अध्यात्म, शिक्षा, राष्ट्र निर्माण एवं सामाजिक मूल्यों पर प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए।
समारोह के अंतर्गत मंदिर निर्माण एवं आयोजन में विशेष योगदान देने वाले सहयोगियों एवं कर्मयोगियों को सम्मानित किया।
