सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान-बच्चों को बताए बाल अधिकार और साइबर सुरक्षा के गुर

  • पोक्सो अधिनियम, सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श और बाल शोषण से बचाव के प्रति किया जागरूक, विद्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश

देहरादून। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों एवं उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा संचालित ‘सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान’ के तहत शुक्रवार को नेहरू कॉलोनी स्थित स्टारलैंड विद्यालय में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।

अपर जिला जज पंचम अंजली बेंजवाल के नेतृत्व में आयोजित शिविर में छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। इस दौरान उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान, साइबर सुरक्षा तथा किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न अथवा दुर्व्यवहार की स्थिति में सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए। किसी भी अप्रिय घटना अथवा समस्या की स्थिति में बिना झिझक अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। शिविर में बच्चों को आवश्यक हेल्पलाइन नंबरों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में हेल्प डेस्क स्थापित की गई, जिसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपनी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं के संबंध में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। इसके साथ ही अपर जिला जज अंजली बेंजवाल ने विद्यालय की प्रधानाचार्या को निर्देशित किया कि बच्चों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय में दो महिला और दो पुरुष शिक्षक-शिक्षिकाओं का पैनल गठित कर स्थायी हेल्प डेस्क स्थापित की जाए।
शिविर में साइबर सेल से शिल्पा सैनी, जिला बाल संरक्षण इकाई से रश्मि बिष्ट, पैनल अधिवक्ता नूपुर मित्तल, प्राविधिक कार्यकर्ता कुलवीर सिंह तड़ियाल एवं किशोर जोशी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, शिक्षक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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