आईसीएफआरई–वन अनुसंधान संस्थान में ‘अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस’ पर कार्यक्रम आयोजित

देहरादून। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 22 मई को “अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस” घोषित किया गया है तथा तब से यह दिवस प्रतिवर्ष विभिन्न विषयों के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवसवैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य”विषय के अंतर्गत मनाया गया। इस अवसर पर विस्तार प्रभाग द्वारा संस्थान परिसर में “पक्षी अवलोकन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो डॉ. अरुण प्रताप सिंह, वैज्ञानिक-जी एवं प्रमुख, वन संरक्षण प्रभाग के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. चरण सिंह, वैज्ञानिक-जी एवं प्रमुख, विस्तार प्रभाग ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए समूह समन्वयक (अनुसंधान) एवं संस्थान के कार्यकारी निदेशक, श्री डी. पी. खली, डॉ. अरुण प्रताप सिंह, पक्षी अवलोकन विषय विशेषज्ञ तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने पक्षियों के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभों तथा जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।अपने उद्घाटन संबोधन में श्री डी. पी. खली ने जैव विविधता के महत्व तथा प्रकृति में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने हेतु इसके संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष रूप से पक्षियों के संदर्भ में विचार व्यक्त किए। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु आयोजक टीम की सराहना भी की।

प्रतिभागियों के लिए जैव विविधता विषय पर एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें मौखिक प्रश्न पूछे गए तथा प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक उनके उत्तर दिए।डॉ. अनीता तोमर, वैज्ञानिक-एफ, विस्तार प्रभाग ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु विस्तार प्रभाग की टीम, वन वनस्पति प्रभाग के प्रमुख, एवं उनकी टीम द्वारा बॉटनिकल गार्डन के प्रबंधन में दिए गए सहयोग की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन श्री लोकिन्दर शर्मा, वैज्ञानिक-सी, विस्तार प्रभाग द्वारा किया गया।विस्तार प्रभाग की टीम, जिसमें डॉ. अनीता तोमर, श्री लोकिन्दर शर्मा, श्रीमती चित्रा भारद्वाज तथा तकनीकी कर्मचारी श्री नवीन चौहान, श्री अमित सिंह एवं श्री पुष्कर सिंह, ने प्रमुख,विस्तार प्रभाग के निर्देशन में कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सराहनीय कार्य किया।

कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथावन अनुसंधान संस्थान समविश्वविद्यालय देहरादून के विद्यार्थियों सहित 60 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

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