ग्रामोत्थान परियोजना चमोली में 29 हजार परिवारों की आय कर रहा मजबूत

  • सरकार की विभिन्न योजनाओं से ग्रामीणों को स्वरोजगार के प्रदान कर रहा अवसर

चमोली। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शाी सोच के परिणाम अब उत्तराखण्ड में धरातल पर दिखने लगे हैं। राज्य में ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण पहल के तहत आईएफएडी (अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष) के सहयोग और ग्रामोत्थान (ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना) के माध्यम से पशुपालकों, काश्तकारों और हस्तशिल्पियों की आजीविका संवद्धर्न का कार्य जमीन पर उतरने लगा है। जनपद चमोली में वर्तमान में परियोजना 29 हजार परिवारों की आय मजबूत करने का कार्य कर रही है।

ग्रामोत्थान परियोजना की ओर से अल्ट्रा पुअर, इडिविजुअल एन्टरप्राइज, सीबीओ लेवल एन्टरप्राइज योजना के माध्यम से ग्रामीणों को अनुदान प्रदान किया जा रहा है। जिससे ग्रामीण अपने घरों पर ही बेहतर स्वरोजगार कर अपनी आजीविका को मजबूत कर रहे हैं। जिससे जहां ग्रामीणों की आय मजबूत हो रही है। वहीं राज्य की अर्थव्यवस्था को संबल मिल रहा है।

परियोजना प्रबंधक शशिकांत यादव ने बताया कि ग्रामोत्थान परियोजना की ओर से चमोली जनपद में वर्तमान तक कुल 880 अल्ट्रा पुअर लाभार्थियों को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। इनमें डेयरी स्थापना में 474, बकरी पालन में 107, दुकान संचालन में 64, कृषि आधारित गतिविधियों में 58, कुक्कुट पालन में 53, टेलरिंग में 43, आटा चक्की में 19, ब्लैकस्मिथ में 12, सब्जी उत्पादन एवं हैंडलूम में 8-8, मधुमक्खी पालन में 8, रिंगाल हस्तशिल्प में 6 तथा अन्य गतिविधियों जैसे मशरूम उत्पादन, मसाला उत्पादन, ब्यूटी पार्लर, चाय की दुकान, फूड प्रोसेसिंग, रेस्टोरेंट आदि में भी सराकर की ओर से निर्धारित अनुदान प्रदान किया गया है।

इसके साथ ही परियोजना की ओर से जनपद में फार्म आधारित व्यक्तिगत उद्यमों के अंतर्गत 327 लाभार्थियों को सहायता उपलब्ध कराई गई। जिससे सहयोग प्राप्त कर ग्रामीणों की ओर से डेयरी, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, समेकित कृषि, सब्जी उत्पादन एवं बैकयार्ड पोल्ट्री जैसे उद्यमों की स्थापना की गई है। नॉन-फार्म आधारित व्यक्तिगत उद्यमों के अंतर्गत 278 लाभार्थियों को सहयोग प्रदान किया गया। इनमें टेलरिंग, रिटेल शॉप, ब्यूटी पार्लर, माइक्रो फूड प्रोसेसिंग, रेस्टोरेंट, हैंडलूम, रिंगाल शिल्प, इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग एवं अन्य लघु उद्यम स्थापित करवाए गए हैं।

जनपद में सीबीओ और एफपीओ स्तर पर परियोजना की ओर से 27 उद्यमों की स्थापना की गई है, जिनमें से कुछ उद्यमों पर वर्तमान में कार्य प्रगति पर है। वहीं नॉन-फार्म आधारित सीबीओ स्तर पर 45 उद्यमों की उपलब्धि दर्ज की गई है, जिनमें से कुछ इकाइयों पर अभी कार्य संचालित किया जा रहा है।

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