ऋषिकेश। विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की शानदार जीत पर हर्ष व्यक्त करते हुए सभी विजयी प्रत्याशियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। डूसू चुनाव में एबीवीपी ने चार में से तीन प्रमुख पदों पर विजय हासिल की है। अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छावड़ी तथा संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह निर्वाचित हुए हैं।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि वह स्वयं अपने छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं। इसलिए दिल्ली विश्वविद्यालय में एबीवीपी के प्रत्याशियों की यह विजय उनके लिए विशेष प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए जिस प्रकार एबीवीपी के तीन प्रत्याशियों को अपना समर्थन दिया है, वह छात्र शक्ति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, “पंजाब विश्वविद्यालय के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में भी एबीवीपी की सफलता यह बताती है कि आज का युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, राष्ट्रवाद, राष्ट्रहित और सकारात्मक छात्र राजनीति के साथ खड़ा है। युवा शक्ति का विश्वास एबीवीपी के साथ है।” पंजाब विश्वविद्यालय छात्र परिषद के चुनाव में भी एबीवीपी ने अध्यक्ष पद लगातार दूसरी बार जीता था।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा युवाओं और छात्रों के बीच किए जा रहे ‘छात्रों की गूंज’ जैसे कार्यक्रमों के बावजूद दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव परिणामों में एबीवीपी को मिले व्यापक समर्थन को वे युवाओं के स्पष्ट जनादेश के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा कि “युवा शक्ति के मन में राष्ट्र प्रथम की भावना मजबूत है और आज का Gen Z युवा देश के विकास, राष्ट्रहित और मजबूत भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।”
उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों की समस्याओं, शिक्षा, सुरक्षित छात्र आवास, रोजगार, कौशल विकास और बेहतर शैक्षणिक वातावरण जैसे विषयों के समाधान के लिए भी प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए।
डॉ. अग्रवाल ने डूसू अध्यक्ष निर्वाचित यश डबास, सचिव रिया छावड़ी एवं संयुक्त सचिव लक्ष्य राज सिंह को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विश्वास जताया कि वे विद्यार्थियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए विश्वविद्यालय एवं छात्रहित में सकारात्मक कार्य करेंगे।



