जलवायु स्मार्ट कृषि को बढ़ावा देने हेतु 40 महिला किसानों को प्रशिक्षण

गदरपुर। ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के अंतर्गत जनपद उधम सिंह नगर के विकासखंड गदरपुर में शुभ लाभ स्वायत्त सहकारिता समिति (सीएलएफ), न्याय पंचायत गोविंदपुर से जुड़ी 40 महिला किसानों को दो दिवसीय सीएसए (Climate Smart Agriculture—जलवायु स्मार्ट कृषि) प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन 20 एवं 21 अगस्त 2026 को ब्लॉक परिसर स्थित मीटिंग हॉल, गदरपुर में किया जा रहा है।

यह प्रशिक्षण मुख्य विकास अधिकारी श्री दिवेश शाशनी एवं परियोजना निदेशक डीआरडीए श्री हिमांशु जोशी के निर्देशन तथा जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना श्री शुभंकर कुमार झा की देखरेख में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन प्रसार प्रशिक्षण केंद्र, उधम सिंह नगर द्वारा तथा प्रायोजन ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना, उधम सिंह नगर द्वारा किया गया।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिला किसानों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अनुरूप कृषि पद्धतियों को अपनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कम लागत में बेहतर उत्पादन तथा टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है।

प्रशिक्षण सत्रों में ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना से सहायक प्रबंधक आजीविका श्री अंकित बालियान तथा ईटीसी से श्री किशोर परिहार एवं श्री दीप चंद जोशी द्वारा महिला किसानों को जलवायु स्मार्ट कृषि से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी, गदरपुर श्रीमती आतिया परवेज, सहायक खंड विकास अधिकारी, ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के ब्लॉक स्तरीय स्टाफ एवं सीएलएफ स्टाफ की भी सक्रिय उपस्थिति रही। अधिकारियों एवं स्टाफ द्वारा महिला किसानों को प्रशिक्षण की उपयोगिता एवं कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न रेखीय विभागों की भी सक्रिय सहभागिता रही। पशुपालन विभाग द्वारा महिला किसानों को बकरी पालन, गौपालन एवं मुर्गी पालन सहित विभिन्न पशुपालन आधारित गतिविधियों एवं विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं डेयरी विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन, दुग्ध व्यवसाय तथा डेयरी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों से महिला किसानों को अवगत कराया गया।

प्रशिक्षण के माध्यम से महिला किसानों को कृषि के साथ-साथ पशुपालन एवं डेयरी जैसी संबद्ध गतिविधियों को आय के स्थायी एवं लाभकारी स्रोत के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की कृषि संबंधी क्षमता को मजबूत करते हुए उन्हें जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक सक्षम, आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना द्वारा इस प्रकार के प्रशिक्षणों के माध्यम से ग्रामीण महिला किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों से जोड़कर महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

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