
रुद्रपुर। जनपद ऊधम सिंह नगर के जिला मुख्यालय विकास भवन, रुद्रपुर स्थित सभागार में आज दिनांक 17 अगस्त 2026 को मुख्य विकास अधिकारी श्री दिवेश शाशनी, आईएएस के निर्देशन में जनपद की समस्त सीएलएफ (Cluster Level Federation) के अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य सीएलएफ में संचालित विभिन्न गतिविधियों के संबंध में पदाधिकारियों से जमीनी स्तर की वास्तविक जानकारी प्राप्त करना, उनके समक्ष आ रही समस्याओं एवं चुनौतियों को समझना तथा उनके समाधान की दिशा में आवश्यक चर्चा एवं विचार-विमर्श करना रहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न ट्रेनिंग, सीड्स परचेज, NPA, 0% ब्याज दर पर ऋण, सीएलएफ टर्नओवर तथा महिला आर्थिक सशक्तिकरण से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही सीएलएफ के माध्यम से संचालित गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करते हुए उन्हें लाभकारी एवं टिकाऊ आर्थिक गतिविधियों में परिवर्तित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

इस दौरान पशु सखी एवं बीमा सखी के माध्यम से महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी ली गई तथा चर्चा की गई कि इन गतिविधियों का संचालन महिलाओं के लिए कितना अनुकूल एवं प्रभावी है। इसके साथ ही लखपति दीदी से संबंधित गतिविधियों के क्रियान्वयन एवं महिलाओं को उससे होने वाले लाभ के संबंध में भी चर्चा की गई।
सीएलएफ से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा
बैठक में सीएलएफ से संबंधित विभिन्न संस्थागत एवं वित्तीय विषयों पर जानकारी एवं चर्चा की गई। इनमें एमआईएस एंट्री पूर्ण किए जाने, Tapering के आधार पर CLF के साथ अनुबंध नवीनीकरण, शेयरधन एकत्रीकरण, समस्त CLF की ऑडिट रिपोर्ट, समय से AGM पूर्ण किए जाने तथा राज्य सरकारी स्वायत्त सहकारिता अधिनियम के अंतर्गत BOD सदस्यों के कार्यकाल से संबंधित विषय शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त अल्ट्रापूअर, व्यक्तिगत उद्यम गतिविधि, सीवीओ लेवल की गतिविधि, अल्ट्रापुअर लाभार्थियों द्वारा धनराशि वापसी, शहीद ऊधमसिंह एफपीओ के खाते में समस्त सीएलएफ द्वारा शेयरधन जमा करने, एफपीओ के साथ पशु चारा व्यवसाय, कलेक्शन सेंटर निर्माण, पशु सखी द्वारा किए जा रहे कार्य तथा सामूहिक बीज उत्पादन गतिविधि (सीड रिवॉल्विंग फंड) पर भी चर्चा की गई।

एनआरएलएम अंतर्गत गतिविधियों पर भी हुआ विचार-विमर्श
एनआरएलएम के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों में चक्रीय कोष (RF) एवं CIF, CCL, CIF रोटेशन, रिपेमेंट, DCB रजिस्टर, लखपति दीदी की प्रगति, IFC की प्रगति, PG की मासिक प्रगति, निष्क्रिय समूह/प्रोफाइलिंग तथा समूह/ग्राम संगठन मैपिंग से संबंधित विषयों पर भी जानकारी एवं चर्चा की गई।
साथ ही MSME (उद्यम सर्टिफिकेट), FSSAI एवं GST आदि से संबंधित कार्यों के संबंध में भी जानकारी साझा की गई।

समस्याओं एवं चुनौतियों की ली गई जानकारी
बैठक के दौरान सीएलएफ पदाधिकारियों को अपनी-अपनी संस्थाओं में आ रही समस्याओं, कार्यों के संचालन में आने वाली चुनौतियों, आवश्यक सहयोग एवं गतिविधियों को बेहतर बनाने के सुझावों को सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिला।
पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न विषयों पर अपनी समस्याओं एवं जमीनी अनुभवों से अवगत कराया गया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उनकी बातों को सुना गया तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक सुझाव एवं दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सीएलएफ के माध्यम से संचालित गतिविधियों का उद्देश्य केवल गतिविधियों का संचालन करना नहीं, बल्कि उन्हें सतत एवं लाभकारी बनाते हुए महिलाओं की आय में वृद्धि और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना है। उन्होंने सीएलएफ पदाधिकारियों से जमीनी स्तर पर महिलाओं की आवश्यकताओं एवं समस्याओं की जानकारी लेकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी प्रयास करने पर जोर दिया।
अधिकारियों एवं संबंधित संस्थाओं की रही सक्रिय सहभागिता
बैठक में परियोजना निदेशक, डीआरडीए श्री हिमांशु जोशी, सहायक परियोजना निदेशक श्रीमती रमा गोस्वामी, जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान परियोजना श्री शुभंकर कुमार झा, डीटीई, ग्रामोत्थान परियोजना के समस्त सहायक प्रबंधक, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के प्रतिनिधियों तथा एफपीओ स्टाफ की सक्रिय सहभागिता रही।
सभी प्रतिभागियों द्वारा सीएलएफ की गतिविधियों, महिला आर्थिक सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर अपने विचार एवं आवश्यक जानकारी साझा की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य सीएलएफ की जमीनी स्थिति एवं पदाधिकारियों की समस्याओं और चुनौतियों की जानकारी प्राप्त करना, आपसी संवाद को मजबूत करना तथा महिला स्वयं सहायता समूहों एवं सीएलएफ की गतिविधियों को अधिक प्रभावी, लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में आवश्यक चर्चा करना रहा।



