देहरादून। ब्रह्माकुमारीज द्वारा राष्ट्रव्यापी स्तर पर आज से शुरू किए गए 10 करोड़ नशामुक्त प्रतिज्ञा अभियान के तहत देहरादून ब्रह्माकुमारीज केंद्र पर आयोजित भव्य व दिव्य समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने भेजे सन्देश में कहा कि ब्रह्माकुमारीज के प्रयासों से निश्चित ही 10 करोड़ नशामुक्त प्रतिज्ञा महाअभियान निर्धारित समयावधि में पूरा होगा। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज के ईश्वरीय संदेश, राजयोग का अभ्यास व नैतिक मूल्यों को भी इस महाअभियान का सहयोगी बताया। उन्होंने इसके लिए अपनी शुभकामनाएं भी दी और ब्रह्माकुमारीज के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उत्तराखंड केबिनेट मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने कहा कि 6 अगस्त से 20 अगस्त के बीच 10 करोड़ युवाओं को नशामुक्त प्रतिज्ञा कराना एक कीर्तिमान है। उन्होंने बताया कि सरकार सभी विद्यालयों व कॉलेजों में प्रार्थना के समय 20 मिनट का समय ब्रह्माकुमारीज को आवंटित कर रही है, ताकि बच्चों को ब्रह्माकुमारीज के सुसंस्कार व सदगुण प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि पौड़ी गढ़वाल में उन्होंने स्वयं ब्रह्माकुमारीज के सहयोग से 10 लाख लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई है। अभी तक हम राज्य में 30 लाख लोगों को शपथ दिला चुके है। पर्यावरण विद पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि नशे का युद्व अंतरराष्ट्रीय युद्धों से कही बड़ा है। हम सिर्फ युवाओं से ही नशामुक्ति की अपेक्षा नही कर सकते बल्कि प्रकृति ही प्रवृत्ति तय करती है।
उन्होंने जेन-जी को मुद्दा उठाते हुए युवाओं की शक्ति का आभास कराया।लेकिन युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति चिंताजनक है।इसके पीछे का कारण उन्होंने अपने संस्कारो व संस्कृति का खो जाना बताया। उन्होंने युवाओं के भटकाव के लिए स्वयं को दोषी बताया। उन्होंने नशे को फैंशन का पर्याय बताया,साथ ही चरित्र निर्माण पर जोर दिया और दोहरे चरित्र जीने से परहेज करने की नसीहत दी। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज के नशामुक्ति आंदोलन को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताया। हरिद्वार ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रभारी बीके मीना दीदी ने कहा कि नशामुक्त भारत बनाने के लिए दृढ़ संकल्प की आवश्यकता है। नशे के दुष्परिणाम से आज पूरी दुनिया ग्रषित है, जिसके भयावह परिणाम भी सामने आ रहे है।उन्होंने नशामुक्ति की सफलता के लिए स्वपरिवर्तन को आवश्यक बताया। उन्होंने स्वर्णिम भारत की संकल्पना साकार करने के लिए तामसिक वस्तुओं से दूर रहने की प्रेरणा दी। कैबिनेट मंत्री डॉ. धनसिंह रावत, राजयोगिनी बीके मंजू दीदी, राजयोगिनी बीके मीना दीदी,पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, संत सियाराम महाराज, विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ. गोपाल नारसन, समाजसेवी अमरीश त्यागी व ब्रह्माकुमार सुशील भाई ने नशामुक्त भारत महा अभियान का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित करके व पोस्टर जारी करके किया।
कार्यक्रम में नन्ही बालिका आराध्या ने नशा मुक्ति पर मनमोहक गीत सुनाया। अध्यक्षता कर रही रासजयोगिनी बीके मंजू दीदी ने नशा मुक्ति महाभियान की बाबत बताया कि देश को स्वास्थ्य व नशामुक्त बनाने के लिए भारत सरकार ने यह जिम्मेदारी ब्रह्माकुमारीज को दी है। उन्होंने महात्मा गांधी का भी भावपूर्ण स्मरण किया और गांधी के सपनो का नशामुक्त भारत बनाने के लिए इस अभियान को मील का पत्थर बताया। उन्होंने विकारों से दूर रहने की भी जरूरत बताई और ईष्र्या जैसी बुराईयो को छोड़ने की बात कही। उन्होंने समाधान रूप में राजयोग के अभ्यास को सर्वपरि बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री के नशामुक्त भारत संकल्प को पूरा करने के लिए 10 करोड़ नशामुक्त प्रतिज्ञा को रामबाण उपाय बताया। संत सियाराम दास महाराज ने कहा कि नशा छोड़ने से ही जीवन मे सुख आ सकता है। उन्होंने इसके लिए ब्रह्माकुमारीज को बधाई दी।
वन पंचायत सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने कहा कि नशा मुक्त अभियान देश की दशा और दिशा बदलेगा ।नशा देश मे कैंसर की तरह फैल रहा है। समाज को नशे से मुक्त करने के लिए ब्रह्माकुमारीज के योगदान की उन्होंने सराहना की। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कार्यक्रम में पहुंचकर नशामुक्त अभियान के लिए ब्रह्माकुमारीज की प्रशंसा की। उन्होंने फास्टफूड की बढ़ती प्रवृत्ति को घातक बताया। उन्होंने तामसिक भोजन से परहेज करने की बात कही। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारीज बहन भाइयों, कॉलेज व स्कूली बच्चों ने भाग लिया।
