एम्स ऋषिकेश: समारोह में नेत्रदाता परिवारों को सम्मान से नवाजा

  • ऋषिकेश एम्स संस्थान में 41वें नेत्रदान पखवाड़े का आयोजन

ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, (एम्स) ऋषिकेश के नेत्र रोग विज्ञान विभाग ऋषिकेश आई बैंक द्वारा आयोजित समारोह में नेत्रदाता परिवारों को सम्मान से नवाजा गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नेत्रदान करने वाले महान दाता परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना तथा समाज में नेत्रदान के प्रति जनजागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना रहा।

बुधवार को एम्स संस्थान में आयोजित 41 वें नेत्रदान पखवाड़े के तहत इस वर्ष की थीम “Vision Beyond Life – The Ultimate Legacy” पर आधारित कार्यक्रम में इस संदेश को प्रदर्शित किया गया कि नेत्रदान मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में दृष्टि और आशा का संचार कर सकता है।

संस्थान की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह के मार्गदर्शन में बुधवार को मिनी ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह का संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रोफेसर डॉ. सौरभ वार्ष्णेय, चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. पुनीत धमीजा, विभागाध्यक्ष, नेत्र रोग विज्ञान विभाग प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार मित्तल, प्रो. अजय अग्रवाल, उपनिदेशक प्रशासन ले. कर्नल गोपाल मेहरा एवं ऋषिकेश आई बैंक की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. नीति गुप्ता, गैस्ट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. रोहित गुप्ता, प्रो. मीनाक्षी धर, डॉ. अनुपम सिंह, डॉ. रामानुज सामंता, डॉ. सास्वत शेखर आदि ने संयुक्तरूप से दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। समारोह में संस्थान के नेत्र रोग विज्ञान विभाग समेत विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्य, चिकित्सक, वरिष्ठ अधिकारी, मुख्य नर्सिंग अधिकारी डॉ. अनिता रानी कंसल एवं विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। नेत्र विज्ञान विभाग के कॉर्निया रेजीडेंट चिकित्सक डॉ. अंकुर उपाध्याय के संचालन में आयोजित सम्मान समारोह में लॉयंस क्लब ऋषिकेश, सुप्रयास कल्याण संस्थान हरिद्वार, देह दान समिति हरिद्वार, मुस्कान फाउंडेशन ट्रस्ट हरिद्वार के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।

इस अवसर पर नेत्रदान कर मानवता की सेवा करने वाले दाता परिवारों को सम्मानित किया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. संजीव मित्तल ने दाता परिवारों का सम्मान समाज के लिए उनके अमूल्य योगदान के प्रति संस्थान की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने नेत्रदान को लेकर विभिन्न उपयोगी जानकारियां आमजन में साझा की, साथ ही लोगों को नेत्रदान को बढ़ावा देने में अपना महति योगदान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

बताया गया कि ऋषिकेश आई बैंक द्वारा नेत्रदान के क्षेत्र में निरंतर जनजागरूकता एवं सेवा कार्य किए जा रहे हैं। नेत्रदान के माध्यम से प्राप्त कॉर्निया का उपयोग कॉर्नियल अंधत्व से प्रभावित जरूरतमंद मरीजों की दृष्टि बहाल करने में किया जाता है। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करना है।
समारोह के माध्यम से संदेश दिया गया कि नेत्रदान केवल दृष्टि का दान नहीं, बल्कि मानवता, संवेदना और जीवन के प्रति एक महान योगदान है। एक व्यक्ति के नेत्रदान से किसी अन्य व्यक्ति के जीवन में प्रकाश लौट सकता है और उसका भविष्य बदल सकता है।

इस अवसर पर आई बैंक के प्रबंधक श्री महिपाल चौहान ने बताया कि नेत्र कोष में अब तक 1338 कॉर्निया प्राप्त हुए हैं, इनमें से एम्स में 655 जरूरतमंदों को कॉर्निया प्रत्यारोपित किए गए जबकि अन्य मेडिकल संस्थान व नेत्र चिकित्सकों को ट्रांसप्लांट के लिए 326 कॉर्निया वितरित किए गए। बताया गया है कि आयोजन में आई बैंक टीम की सुश्री बिन्दिया भाटिया, संदीप गुसाईं, आलोक सिंह, पवन सिंह, काउंसलर-कम-टेक्नीशियन/तकनीकी टीम—द्वारा कार्यक्रम के आयोजन एवं नेत्रदान जनजागरूकता गतिविधियों तथा दाता परिवारों को सम्मानित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।

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