ग्रामोत्थान परियोजना से सुनीता देवी को मिला आत्मनिर्भरता का संबल

चमोली। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण हेतु विभिन्न स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) सहायतित ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता एवं स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

इसी क्रम में ग्राम खेती निवासी श्रीमती सुनीता देवी, श्री आदिबद्री सीएलएफ से जुड़ी हुई हैं तथा जय मां भगवती ग्राम संगठन के अंतर्गत “उमा समूह” की सक्रिय सदस्य हैं। वित्तीय वर्ष 2025–26 में उन्होंने परियोजना के सहयोग से एक छोटी दुकान (जनरल स्टोर) की शुरुआत की, जिसके लिए उन्हें ₹75,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

प्राप्त सहयोग से श्रीमती सुनीता देवी ने गांव में अपनी दुकान स्थापित की तथा स्थानीय लोगों को दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करानी शुरू कीं। उनकी दुकान गांववासियों के लिए एक सुविधाजनक केंद्र बन गई है। अपनी मेहनत, लगन एवं बेहतर व्यवहार के कारण उनका व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।

वर्तमान में श्रीमती सुनीता देवी अपनी दुकान के माध्यम से प्रतिमाह लगभग ₹10,000 से ₹12,000 तक की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है तथा वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

श्रीमती सुनीता देवी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा,
“मैं ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं, जिनके सहयोग से मुझे स्वरोजगार का अवसर प्राप्त हुआ। आज मैं अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर पा रही हूं और आत्मनिर्भर बन रही हूं। यह परियोजना ग्रामीण महिलाओं के लिए नई आशा और आत्मविश्वास लेकर आई है।”

श्रीमती सुनीता देवी की यह प्रेरणादायक सफलता कहानी अन्य महिलाओं के लिए भी एक उदाहरण है कि छोटे स्तर से शुरू किया गया स्वरोजगार भी आर्थिक सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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