जगद गुरु आद्य शंकराचार्य जी की जयंती के अवसर पर शंकराचार्य चौक पर संत समाज ने किया श्री विग्रह पूजन

  • आद्य शंकराचार्य भगवान ने भारत को धार्मिक सांस्कृतिक एकता के सूत्र में पिरोया : आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानंद भारती
  • श्री कृष्ण निवास आश्रम में निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती महाराज की अध्यक्षता में आयोजित की गई श्रद्धांजलि सभा

हरिद्वार। जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य जी महाराज का 1238वां जयंती समारोह जगद गुरु आद्य शंकराचार्य स्मारक समिति के महामंत्री श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज के संयोजन में शंकराचार्य चौक पर श्री विग्रह पूजन के साथ प्रारंभ हुआ जिसमें महामंडलेश्वर स्वामी गिरधर गिरी महाराज, भारत माता मंदिर के श्रीमहंत एवं निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी ललिता नंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद, स्वामी शरद पुरी सहित संत समाज ने श्रद्धा सुमन अर्पित किये। तत्पश्चात श्री कृष्ण निवास आश्रम में भगवान आद्य शंकराचार्य जी महाराज के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने हेतु निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती महाराज की अध्यक्षता एवं श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज के संचालन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में कार्यक्रम के  अध्यक्ष निर्वाण पीठाधीश्वर स्वामी विशोकानंद भारती महाराज ने कहा कि आद्य शंकराचार्य शिव स्वरूप थे। उन्होंने भारत को धार्मिक सांस्कृतिक एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया। सनातन हिंदू धर्म का जो स्वरूप आज दृष्टिगोचर हो रहा है यह उन्हीं की देन है। कार्यक्रम के सूत्रधार श्री कृष्ण निवास आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी गिरधर गिरी जी महाराज ने कहा कि आदि शंकराचार्य भगवान ने भारत को सनातन हिंदू राष्ट्र बने रहने में जो योगदान दिया तथा विपरीत परिस्थितियों में जिस प्रकार नागा संन्यासियों की सेना गठित कर धर्म की रक्षा की उसके लिए वे सदैव स्मरण किए जाते रहेंगे। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महा निर्माणी अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने कहा कि भगवान आद्य शंकराचार्य भारतीय संस्कृति के प्राण है। 1238 वर्ष पूर्व केरल में जन्म लेकर उत्तर भारत को धार्मिक एकता के सूत्र में पिरोकर जहां उन्होंने सनातन वैदिक हिंदू धर्म को पुनः प्रतिष्ठित किया। वहीं सन्यास परंपरा का भी सृजन किया। श्रद्धांजलि समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी हरि चेतनानंद, महामंडलेश्वर स्वामी संतोषी माता, महामंडलेश्वर एवं भारत माता मंदिर के श्रीमहंत स्वामी ललितानंद गिरी, महामंडलेश्वर अनंतानंद, महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद, महामंडलेश्वर स्वामी अभ्यानंद, महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश सहित संत-महंतजनों ने भगवान आद्य शंकराचार्य के चित्र पर पुष्पाजंलि कर उनके प्रति वॉक श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में आए हुए संत महंतों का आभार प्रकट करते हुए जगतगुरु आद्य शंकराचार्य स्मारक समिति के महामंत्री श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज ने समस्त संत समाज का आभार प्रकट किया तथा इस कार्यक्रम को भव्य रूप से संपन्न करवाने के प्रति श्री कृष्ण निवास आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी गिरधर गिरी महाराज को साधुवाद दिया। इस अवसर पर महंत रवि देव शास्त्री, महंत दिनेश दास, महंत मोहन सिंह, महंत दुर्गेशानंद सरस्वती, स्वामी हंसानंद, स्वामी कमलानंद, आईडी शर्मा शास्त्री, शिवदास दुबे, पार्षद सचिन अग्रवाल, ललितांबा देवी ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी अनिरुद्ध भाटी सहित बड़ी संख्या में संत-महंतजन उपस्थित रहे।

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