ऋषिकेश। राज्यसभा के पश्चात लोकसभा में भी “वंदे मातरम” गीत से संबंधित “राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण संशोधन विधेयक” पारित होने पर ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए इसे राष्ट्र के सम्मान एवं गौरव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि “वंदे मातरम” केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की अस्मिता, स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का प्रतीक है। ऐसे में इसके सम्मान की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पारित होने से अब कोई भी व्यक्ति यदि इस गीत की अवहेलना करता है, उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाता है या उसका अपमान करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोगों की प्रवृत्ति बन गई है कि वे राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय गान एवं राष्ट्रीय ध्वज जैसे पवित्र प्रतीकों का अनादर करते हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और अब ऐसे लोगों को कानून के दायरे में लाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सम्मान का विषय किसी एक दल, वर्ग या विचारधारा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे राष्ट्र की एकजुट भावना का प्रतीक है।
डॉ. अग्रवाल ने केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह विधेयक देशभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेगा तथा आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे राष्ट्र के प्रतीकों का सम्मान करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
अंत में उन्होंने कहा कि यह विधेयक भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय एकता और गौरव की रक्षा के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा तथा देश को और अधिक सशक्त एवं आत्मगौरव से परिपूर्ण बनाएगा।
