एमबीबीएस छात्र अब 10 साल में कर सकेंगे डिग्री पूरी

  • इस राहत के साथ ही देशभर में बढ़ेंगी 11 हजार मेडिकल सीटें

नई दिल्ली। देश में डॉक्टर बनने का सपना देख रहे मेडिकल छात्रों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने एमबीबीएस कोर्स से जुड़े नियमों में अहम बदलाव करते हुए डिग्री पूरी करने की समय-सीमा 9 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी है। नए नियम इसी शैक्षणिक सत्र से लागू किए जाएंगे। इसके साथ ही देशभर के मेडिकल कॉलेजों में इस वर्ष लगभग 11 हजार नई एमबीबीएस सीटें भी बढ़ाई जा रही हैं। केंद्र के इस फैसले से उन छात्रों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा जो किसी कारणवश परीक्षा में असफल हो जाते हैं या पढ़ाई पूरी करने में अतिरिक्त समय लग जाता है। अब उन्हें पहले की तुलना में एक साल ज्यादा अवसर मिलेगा। अब तक एमबीबीएस कोर्स, जिसमें साढ़े पांच साल की पढ़ाई और एक साल की रोटेटिंग इंटर्नशिप शामिल होती है, को पूरा करने के लिए अधिकतम 9 साल का समय निर्धारित था। यानी छात्रों को अतिरिक्त अटेम्प्ट के लिए केवल साढ़े तीन साल ही मिलते थे। नए नियम लागू होने के बाद छात्र अब कुल 10 साल में एमबीबीएस की डिग्री पूरी कर सकेंगे। इससे छात्रों को अटेम्प्ट के लिए साढ़े चार साल तक का समय मिल जाएगा। इस अवधि में सभी परीक्षाएं और रोटेटरी मेडिकल इंटर्नशिप शामिल रहेंगी। स्नातक नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट अंतिम रूप ले चुका है और इसे वर्तमान शिक्षा सत्र से लागू किया जाएगा। इस साल बढ़ेंगी 11 हजार सीटें मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में इस वर्ष बड़ा विस्तार देखने को मिलेगा। सरकार ने अप्रैल में लगभग 11 हजार नई एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दी थी। इसके बाद देश में कुल एमबीबीएस सीटों की संख्या करीब 1.18 लाख से बढ़कर 1.29 लाख हो जाएगी। इनमें से लगभग 70 फीसदी सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों में जोड़ी गई हैं। बढ़ी हुई सीटों का लाभ छात्रों को इसी सत्र की एडमिशन प्रक्रिया में मिलेगा। सीटों के विवरण की बात करें तो वर्तमान में कुल सीटें करीब 1.18 लाख हैं और नई बढ़ने वाली सीटें करीब 11 हजार हैं इस प्रकार कुल सीटें करीब 1.29 लाख हो जाएंगी। नीट 2026 काउंसलिंग में दिखेगा असर एमबीबीएस में प्रवेश प्रक्रिया नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के नियमों के तहत होती है। नीट 2026 परीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया के बाद जब काउंसलिंग शुरू होगी, तब इन अतिरिक्त सीटों का सीधा असर देखने को मिलेगा। मेडिकल एडमिशन में हर साल भारी प्रतिस्पर्धा रहती है। ऐसे में सीटों की संख्या बढ़ने से हजारों छात्रों का डॉक्टर बनने का सपना पूरा हो सकेगा। मध्य प्रदेश में 5,725 एमबीबीएस सीटें मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 के शैक्षणिक सत्र के लिए कुल 35 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जिनमें 5,725 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं। राज्य में 21 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें एम्स भोपाल भी शामिल है। इन सरकारी संस्थानों में कुल 3,025 सीटें हैं। वहीं 14 निजी मेडिकल कॉलेजों में 2,700 सीटें उपलब्ध हैं। इसके अलावा नीमच, मंदसौर, श्योपुर, सिंगरौली, सिवनी, सतना, खंडवा, दतिया, शहडोल और शिवपुरी जैसे जिलों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 100 से 150 सीटें उपलब्ध हैं।

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